मुख्य समाचार
पार्वा कार्यकारिणी के चुनाव - कार्यक्रम घोषित
______________________________________
Showing posts with label block representatives. Show all posts
Showing posts with label block representatives. Show all posts

Monday, July 25, 2011

ग्रुप सी फ्लेट्स, प्रगति अपार्टमेंट्स

प्रगति अपार्टमेंट्स में ३५६ फ्लेट्स हैं, जिन्हें ३ ग्रुप्स में बाँट दिया गया है, ग्रुप ए, बी और सी. ग्रुप सी में २३३ से ३५६ तक १३४ फ्लेट्स हैं. इन्हें २ ब्लाक्स में बांटा गया है, २३३ से ३०० (७८ फ्लेट्स) और ३०१ से ३५६ (५६ फ्लेट्स). इन दोनों ब्लाक्स से एक-एक प्रतिनिधि चुना जाता है.

अभी गैरकानूनी ढंग से जो चुनाव हुआ है उस में ग्रुप सी के दोनों ब्लाक्स से कोई प्रतिनिधि नहीं चुना गया. गैरकानूनी पार्वा कार्यकारणी ने पार्वा उपनियमों का उल्लंघन करके श्री टी डी सोनी (फ्लेट संख्या २५५) और कँवर जीत सिंह (फ्लेट संख्या ३०५) को इन ब्लाक्स का प्रतिनिधि मनोनीत कर दिया. पार्वा कार्यकारणी को ऐसा कोई अधिकार नहीं है, पर जिस कार्यकारिणी का चुनाव खुद गैरकानूनी हो, उसे गैरकानूनी काम करने में शर्म कैसी.

श्री सोनी, चुनाव अधिकारी थे. उन्होंने पार्वा उपनियमों का उल्लंघन करके श्री चड्ढा को पार्वा अध्यक्ष पद गिफ्ट किया. श्री चड्ढा ने श्री सोनी को ब्लाक प्रतिनिधि और संयुक्त सचिव का पद रिटर्न गिफ्ट में दे दिया. यह गैरकानूनी है, अनैतिक है, बेईमानी है, इस की किसे चिंता?

श्री कँवर जीत सिंह ने ब्लाक प्रतिनिधि पद के लिए नामांकन भरा था जिसे श्री सोनी ने चड्ढा मलिक एंड कम्पनी के कहने पर रद्द कर दिया. गैरकानूनी चुनाव संपन्न होने के बाद चड्ढा मलिक एंड कम्पनी ने श्री कँवर जीत सिंह को ब्लाक प्रतिनिधिमनोनीत कर दिया. परदे के पीछे ऐसा क्या हुआ होगा जिस से चुनाव से पहले ब्लाक प्रतिनिधि पद के लिए अयोग्य सिंह साहब चुनाव के बाद ब्लाक प्रतिनिधि पद के योग्य हो गए?

ग्रुप सी के गिने-चुने निवासियों को ही यह पता होगा कि यह दोनों महानुभाव उनके प्रतिनिधि हैं, इन्होनें तो ब्लाक निवासियों की कोई मीटिंग बुलाई नहीं, न ही उनसे कोई बात की. पार्वा कार्यकारिणी की कई मीटिंग्स हो चुकी हैं. इन दोनों प्रतिनिधियों ने ग्रुप सी की कोई समस्या इन मीटिंग्स में नहीं उठाई. बस कुछ किया तो चड्ढा मलिक एंड कम्पनी के समर्थन में हाथ ऊंचा किया.

कहते हैं, नंग बड़े परमेश्वर से, जब व्यक्ति शर्म छोड़ देता है तब भगवान् भी उस के सामने असहाय हो जाते हैं.

Wednesday, February 2, 2011

PARWA has a new role

MCD is soon constituting Resident Ward Committees (RWC). All Resident Welfare Associations (RWA) in the ward will be member of RWC. RWA will assist councillors in deciding expenditure for development work in their wards. It is compulsory for RWC to meet each month. The minutes of RWC will be sent to the Mayor.

PARWA EC should gear itself up for taking up this responsibility. It should set up a mechanism for effective coordination and cpmmunication with all residents through Block Representatives (BR). In PARWA, BR always remain in hibernation. Now, they will have to come out of their hibernation and take up their job seriously.

Saturday, December 25, 2010

यह तो हद हो गई गैरजिम्मेदारी की


पिछले एक महीने से यह गड्ढा खुदा हुआ है. इसे पानी की लीकेज को ठीक करने के लिए खोदा गया था. न लीकेज ठीक हुई और न ही गड्ढा भरा गया. पार्वा कार्यकारिणी गैरजिम्मेदार है यह तो सभी जानते हैं पर यह तो हद हो गई है गैरजिम्मेदारी की.

सी-ब्लाक के साथ पार्वा कार्यकारिणी का व्यवहार हमेशा सौतेला रहा है. चाहे वह गेट नंबर २ को खोलने का समय हो, चाहे वह फव्वारे वाले पार्क की देख रेख हो, चाहे थोड़ी सी वारिश होने पर पानी जमा हो जाना हो, चाहे सीवर जाम हो जाना हो, गन्दा और बदबूदार पानी घरों के बाहर बह रहा हो, चाहे कम्युनिटी सेंटर में ऊंची आवाज में कार्यक्रम हो रहा हो, पार्वा कार्यकारिणी को इन सब से कुछ लेना-देना नहीं होता. पार्वा कार्यकारिणी को तकलीफ तब होती है जब ए या बी ब्लाक में कोई तकलीफ हो.

सी ब्लाक से दो प्रतिनिधि पार्वा कार्यकारिणी में हैं, श्री धवन और श्री पालीवाल. यह दोनों महाशय क्या करते रहते हैं? क्या इन्हें कुछ नजर नहीं आता? क्या आज तक इन लोगों ने सी-ब्लाक की किसी समस्या की पार्वा कार्यकारिणी की मीटिंग में उठाया है? आज तक इन्होनें ब्लाक के निवासियों के साथ कोई मीटिंग नहीं की. इनकी कोई जिम्मेदारी है या नहीं? ऐसे गैरजिम्मेदार प्रतिनिधि के होते सी-ब्लाक की किसी समस्या का सुलझना संभव नहीं है. अगर यह लोग काम नहीं कर सकते तब इस्तीफा दें.

कौन भरवाएगा इस गड्ढे को? किस की जिम्मेदारी है यह? कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है.

Sunday, August 1, 2010

Gate No. 2 needs attention





On left are some picture of Gate No. 2. Don't you think it needs attention. PARWA ECs have always been partial to Group C. No doubt Gate No. 2 is near to Group C flats, but it is also near to some flats in Group B. PARWA EC should at least give some consideration to this Gate on it being near to some flats in Group B.

Time slots when this Gate opens are also not adequate if convenience of Group C residents is considered. Whenever I have raised this issue, some EC members have talked of shortage of security staff. This shortage is not a handicap when Gate No. 3 and 4 are opened for longer periods.

I do not know what two Block representatives of Group C residents are doing for solving problems of those residents whom they represent? They have not even called a meeting of Group C residents to know about the issues they should raise in EC related to welfare of Group C residents. One block representative has even been the President for two terms, but issues related to welfare of Group C residents have not engaged his attention. What may be the reasons for this?

I have put up a post on this blog detailing the issues related to welfare of Group C residents, but both block representatives do not seem be bothered about them. It is very unfortunate.

Tuesday, July 20, 2010

सवाल उठ रहे हैं, जबाब कौन देगा?

मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की थी की सोमवार से दिल्ली में तेज वारिश होगी. सोमवार तो ऐसे ही निकल गया. सुनने में आया कि पड़ोस के पंजाबी बाग में वारिश हुई पर प्रगति अपार्टमेंट्स में मात्र चार-पांच मिनट हल्का पानी बरस कर रह गया. शाम को बहुत अच्छी हवा चल रही थी. पश्चिम विहार की तरफ काले बदल भी दिखाई दे रहे थे, पर वारिश नहीं हुई. इन्तजार करते सो गए. रात में जब आँख खुली तब देखा वारिश हो रही थी, विजली भी चमक रही थी. हलकी-तेज यह वारिश दोपहर तक होती रही. फिर धूप निकल आई. अब तेज धूप निकली हुई है और चिपक वाली गरमी महसूस हो रही है.

सीवर अभी तक साफ़ नहीं किये गए हैं. रास्तों में फिर पानी भर गया था. किसकी जिम्मेदारी है यह? पार्वा कार्यकारिणी इस बारे में उदासीन है. निवासी भी उदासीन हैं, कोई शिकायत नहीं करता. मुझे यह सब बड़ा अजीब लगता है.

ग्रुप 'सी' के छोटे पार्क में खूब घास निकल आई है, पर कुछ छोटे-छोटे हिस्से ऐसे हैं जहाँ घास नहीं निकली है. इस बारे में कुछ किया जाना चाहिए. पार्क कि स्थिति देख कर ऐसा लगता जैसे काफी दिनों से सफाई नहीं हुई है. नगर निगम उद्यान विभाग के कर्मचारी कभी नजर नहीं आते. पार्वा द्वारा नियुक्त माली भी दिखाई नहीं पड़ता. पार्वा कार्यकारिणी द्वारा ग्रुप 'सी' के प्रति सौतेला व्यवहार अभी भी जारी है. इस ग्रुप से दो ब्लाक प्रतिनिधि पार्वा कार्यकारिणी में हैं, पर यह लोग न जाने क्या करते हैं. धवन साहब और पालीवाल साहब को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए.

छोटे पार्क में पौधे लगाए गए थे. उनमें से कुछ सूख गए हैं. पौधों की देखभाल बच्चों की तरह करनी पड़ती है. अपार्टमेंट्स के पार्कों की देखभाल पार्वा कार्यकारिणी के किस सदस्य की जिम्मेदारी है? किसी को यह जिम्मेदारी दी भी गई है या नहीं, पता नहीं. गेट नंबर एक के बाहर एक पेड़ सूख गया है.यह किस की जिम्मेदारी थी? पार्वा ने इन पेड़ों और पौधों को लगाने के लिए कितना पैसा खर्च किया? वह पैसा अगर बर्बाद हो गया तब इस के लिए कौन जिम्मेदार है?

सवाल पैदा हो रहे हैं. पार्वा कार्यकारिणी को जबाब देने चाहियें. पार्वा अध्यक्ष और कुछ ब्लाक प्रतिनिधि का चुनाव बाई-लाज के अनुसार नहीं हुआ है. यह एक बहुत बड़ा सवाल है जिसका उत्तर दिया जाना चाहिए.

 

blogger templates | Make Money Online