प्रगति अपार्टमेंट्स में जो लोग रहते हैं सब शिक्षित हैं. उन में से कुछ शिक्षित लोग पार्वा कार्यकारिणी में हैं. यह बहुत दुःख और असंतोष का विषय है कि प्रगति अपार्टमेंट्स में जितने फंक्शन होते हैं उनमें अधिकाँश में ऐसा लगता है कि विजली की चोरी होती है. पिछला फंक्शन था दीवाली मेला. यह मेला आप जानते हैं पार्वा कार्यकारिणी द्वारा आयोजित किया गया था. उस फंक्शन में जो विजली की लड़ी लगाईं गई थी वह अभी भी लगी हुई है. आज सुबह जब मैंने उस पर ध्यान दिया तो पाया कि इस लड़ी में विजली के खम्बे से कनेक्शन जोड़ा गया है. ३० अक्टूबर से यह लड़ी लगातार हर रात जलती है.
क्यों करते हैं लोग ऐसा? सब जानते हैं कि यह गैरकानूनी है. और ऐसा करके वह कितना पैसा बचा लेते हैं? पार्वा कार्यकारिणी के सदस्यों को कोई व्यक्तिगत फायदा भी नहीं हो रहा है. यह पार्वा का फंक्शन है, पार्वा उस पर खर्चा करती है. फिर क्यों गैरकानूनी काम किया जाता है? मैं बार-बार इस बात पर ध्यान दिलाता हूँ पर कोई असर ही नहीं होता. मैं पार्वा का एक सदस्य हूँ, मुझे बहुत तकलीफ होती है जब पार्वा कार्यकारिणी कोई गैरकानूनी काम करती है.
अगर किसी दिन सम्बंधित सरकारी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही कर दी गई तब अपार्टमेंट्स के सभी निवासियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी. जिस प्रगति अपार्टमेंट्स की सब तारीफ़ करते हैं वह क्या सोचेंगे जब यह असलियत सामने आएगी?
इस ब्लॉग के माध्यम से, मैं, पार्वा का एक सदस्य, प्रगति अपार्टमेंट्स का एक निवासी, पार्वा कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से अपील करता हूँ कि आवश्यक कदम उठायें और यह सुनिश्चित करें कि अपार्टमेन्ट में कोई गैरकानूनी काम न हो.
डीजल जेनरेटर अभी भी अपार्टमेन्ट से हटाया नहीं गया है. ऐसा क्यों है?
Sunday, November 7, 2010
शिक्षित नागरिक और विजली की चोरी
Posted by S. C. Gupta at 9:14 AM 2 comments
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Thursday, October 1, 2009
Beware, do not play with trees
I have just now read a post on a discussion forum about pruning and cutting of trees. In a Cooperative Group Housing Society in Mumbai, -the managing committee pruned/cut around 20 trees. NMMC came to know about it and the managing committee was penalized for Rs. 20,000/- for illegal tree pruning/cutting.
So, PARWA and residents, beware of playing with trees. If any trees are to be pruned/cut, it should make an application to concerned government department.
Posted by S. C. Gupta at 1:47 PM 0 comments
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