मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की थी की सोमवार से दिल्ली में तेज वारिश होगी. सोमवार तो ऐसे ही निकल गया. सुनने में आया कि पड़ोस के पंजाबी बाग में वारिश हुई पर प्रगति अपार्टमेंट्स में मात्र चार-पांच मिनट हल्का पानी बरस कर रह गया. शाम को बहुत अच्छी हवा चल रही थी. पश्चिम विहार की तरफ काले बदल भी दिखाई दे रहे थे, पर वारिश नहीं हुई. इन्तजार करते सो गए. रात में जब आँख खुली तब देखा वारिश हो रही थी, विजली भी चमक रही थी. हलकी-तेज यह वारिश दोपहर तक होती रही. फिर धूप निकल आई. अब तेज धूप निकली हुई है और चिपक वाली गरमी महसूस हो रही है.
सीवर अभी तक साफ़ नहीं किये गए हैं. रास्तों में फिर पानी भर गया था. किसकी जिम्मेदारी है यह? पार्वा कार्यकारिणी इस बारे में उदासीन है. निवासी भी उदासीन हैं, कोई शिकायत नहीं करता. मुझे यह सब बड़ा अजीब लगता है.
ग्रुप 'सी' के छोटे पार्क में खूब घास निकल आई है, पर कुछ छोटे-छोटे हिस्से ऐसे हैं जहाँ घास नहीं निकली है. इस बारे में कुछ किया जाना चाहिए. पार्क कि स्थिति देख कर ऐसा लगता जैसे काफी दिनों से सफाई नहीं हुई है. नगर निगम उद्यान विभाग के कर्मचारी कभी नजर नहीं आते. पार्वा द्वारा नियुक्त माली भी दिखाई नहीं पड़ता. पार्वा कार्यकारिणी द्वारा ग्रुप 'सी' के प्रति सौतेला व्यवहार अभी भी जारी है. इस ग्रुप से दो ब्लाक प्रतिनिधि पार्वा कार्यकारिणी में हैं, पर यह लोग न जाने क्या करते हैं. धवन साहब और पालीवाल साहब को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए.
छोटे पार्क में पौधे लगाए गए थे. उनमें से कुछ सूख गए हैं. पौधों की देखभाल बच्चों की तरह करनी पड़ती है. अपार्टमेंट्स के पार्कों की देखभाल पार्वा कार्यकारिणी के किस सदस्य की जिम्मेदारी है? किसी को यह जिम्मेदारी दी भी गई है या नहीं, पता नहीं. गेट नंबर एक के बाहर एक पेड़ सूख गया है.यह किस की जिम्मेदारी थी? पार्वा ने इन पेड़ों और पौधों को लगाने के लिए कितना पैसा खर्च किया? वह पैसा अगर बर्बाद हो गया तब इस के लिए कौन जिम्मेदार है?
सवाल पैदा हो रहे हैं. पार्वा कार्यकारिणी को जबाब देने चाहियें. पार्वा अध्यक्ष और कुछ ब्लाक प्रतिनिधि का चुनाव बाई-लाज के अनुसार नहीं हुआ है. यह एक बहुत बड़ा सवाल है जिसका उत्तर दिया जाना चाहिए.
Tuesday, July 20, 2010
सवाल उठ रहे हैं, जबाब कौन देगा?
Posted by S. C. Gupta at 5:10 PM 0 comments
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Thursday, May 27, 2010
पार्कों में कोई सुधार नहीं हुआ - पार्वा कार्यकारिणी ध्यान दे
प्रगति अपार्टमेंट्स के तीन पार्कों में सुधार कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया था. मिट्टी डाली गई, खाद डाली गई, पौधे लगाए गए, पर पार्कों की स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ. मेरी पोस्ट पिछली पढने के लिए क्लिक करें. इस पोस्ट में आपको पिछली सभी पोस्ट की लिंक मिलेंगी.
कुछ पौधे सूख गए हैं और अगर कुछ जल्दी ही नहीं किया गया तब कुछ और पौधे भी सूख जायेंगे. गरमी का मौसम है. किसी भी प्रकार की लापरवाही नुकसानदेह साबित होगी.
सरकारी उद्यान विभाग के कर्मचारियों और पार्वा द्वारा नियुक्त माली को इस और विशेष ध्यान देना होगा. यह सब तब विशेष ध्यान देंगे जब पार्वा कार्यकारिणी इस और विशेष ध्यान देगी. घास भी एक सामान नहीं उगी है. कुछ स्थानों पर तो घास बिलकुल नहीं उगी है. इस बात की और मैंने अपनी पिछली एक पोस्ट में पार्वा का ध्यान आकर्षित किया था, पर लगता है कुछ ध्यान दिया नहीं गया.
मेरा सुझाव है कि पार्वा कार्यकारिणी के एक सदस्य को पार्क की व्यवस्था देखने का कार्यभार सौंप देना चाहिए. वह सरकारी उद्यान विभाग से लगातार सम्बन्ध बनाए रखें और उनके कर्मचारियों और पार्वा माली के कार्यों की लगातार निगरानी करें.
पार्कों में जगह-जगह कूड़ा बिखरा हुआ है. लगता है काफी दिनों से सफाई नहीं हुई है.
मैंने आज ग्रुप सी के दोनों पार्कों का निरीक्षण किया तब यह पाया कि स्थिति संतोषजनक नहीं है और तुरंत कार्यवाही की जरूरत है.
पार्वा कार्यकारिणी कृपया इस और ध्यान दे.
Posted by S. C. Gupta at 8:49 AM 3 comments
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